जानू बाबा एकादश रुद्र महादेव के 🙏


मधुबनी जिला मुख्यालय सँ तीन किलोमीटर दूर मंगरौनी गाम में एकादश रूद्र महादेव के भव्य मंदिर छैन्ह। 

भव्यता एतेक जे जखन कांची पीठ के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती एहि ठाम अयलाह त एकहि टा शक्ति वेदी पर एगारह टा भगवान शंकर के अलौकिक रूप देखि क भावविभोर भऽ गेल छलाह आ कहने रहैथि जे विश्व में ई एकमात्र मन्दिर अछि जाहि ठाम तान्त्रिक विधि सँ एगारहो शिवलिंग केर स्थापना कयल गेल अछि।

एहि मन्दिर केर स्थापना मिथिलाक तत्कालीन प्रसिद्ध तान्त्रिक मुनीश्वर झा द्वारा सन १९५३ मे कयल गेल छल। एगारहो शिवलिंग २०० साल सँ बेसी पुरान कारी ग्रेनाइट पाथर के अछि जकर चमकैत आभा दर्शनार्थी के अपना दिस आकृष्ट करैत अछि। सब सोम दिन कऽ एहि ठाम दूध, दही, घी, मधु, पंचामृत, चन्दन आदि संँ शिवलिंग के स्नान एवं श्रृंगार होइत अछि आर संगहि महाप्रसाद केर आयोजन कयल जाइत अछि। एगारहो शिवलिंग महादेव, शिव, रूद्र, शंकर, नीललोहित, ईशान, विजय, भीम, देवदेव, भवोद्भव एवं कपालिश्च केर रूप में जानल जाईत छथि।

एहि ठाम भगवान शिव के प्रिय मंत्र "ॐ नमः शिवाय" ॐ नमः एकादश रूद्राय "मंत्र केर जाप कयल जाइत अछि। एहि स्थान पर १०० बेर एहि मंत्र केर जाप कयला सँ १२०० मंत्र केर फल प्राप्त होइत छैक। आदि देव महादेव समस्त मिथिला बासी केर संग समस्त भक्त केर मनोकामना पूर्ण करैत छैथि। मिथिलाक धरोहर के रूप में एहि एकादश रूद्र महादेव के मानल जाइत अछि।

महादेव के आशीर्वाद समस्त शिव भक्त के भेटैत रहय एहि मंगलकामना केर संग एकादश रुद्राय नमो नमः 🙏🕉️🌸