बूढ़ी माई के आरती | मंगरौनी के समस्त दुर्गा मंदिर के आरती | text & video
बहुत लोक बेसी काल शब्दक उचित उच्चारण के वास्ते बुढ़िया मइया के लिखित आरती (लिरिक्स) खोजैत रहैत छथ। अपने सबके सुविधा लेल हम मिथिला के वासी ब्लॉग के माध्यम स लिखित आरती प्रस्तुत क रहल छी। अपने सबसऽ निवेदन जे इ टेक्स्ट के संग्रहित कऽ के अवश्य राखी, और नित दिन आरती में सम्मिलित होय पुण्य के भागी बनी।
चूंकि मंगरौनी के तीनु दुर्गा स्थान में दुर्गा पूजा में सेहो इ आरती ही होई या, अतः आरती के सटीक उच्चारण और याद भेनाई आवश्यक अइछ।
बुढ़िया मैया के आरती 🙏
नूतन सघन सजल नीरज छवि शंकर नाम लेबैया -2
योगिनी कोटि अनन्त डाकिनी नाचे ता-ता-थैया ।।
जय जय जय अम्बे ।
शंभु धरणि श्मशान निवासिनि सब आसन सुख दैया -2
डिमिक-डिमिक डिमि डमरू बाजे भूतक नाथ गवैया ।।
जय जय जय अम्बे ।
मुण्डमाल शिर व्याल विराजित वसन बघ्मबर राजे -2
कर खप्पर असि कर्तृकमल युत कटि किङिकण धन बाजे ।।
जय जय जय अम्बे ।
शिव सनाकदि आदि मुनि सेवित शुम्भ, निशुंभ बधैया -2
शंकर दत्त करू विनति आरती जय जय तारिणी मैया ।।
जय जय जय अम्बे ।
जय अम्बे, जय अम्बे, जय जय जय अम्बे ।।
बोले बोले बुढ़िया माई की जय।। कहु कहु दुर्गा माई की जय।।
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