मिथिलाक पाहुन सत्कार - पाहुन निर्मला सीतारमण
मिथिला के सबसऽ पैघ सुंदरता ई अइछ जे आहा एक दिन लेल आउ या 1 घण्टा लेल, देश दुनिया के कोनो भी कोन सऽ आउ, मिथिला आहा के अपन बेटी य बेटा जेकाँ मानत और आउभगत करत।
सबसऽ तुरत के उदाहरण अइछ माननीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी के मिथिला (मधुबनी, दरभंगा) यात्रा।
विगत २-३ दिन पाछु, निर्मला जी पहिल बेर मिथिला के यात्रा पर ऐल रहथ, किछ बैंक सबके क्रेडिट (कर्जा, loan) जनता सबमे बांटै लेल।
मैडम के स्वागत भेलन मिथिला पैंटिंग सऽ युक्त पाग, दोपटा (चादर) और मखानक माला पहिरा कऽ। विदित हुए जे देशक कुल मखान उत्पादन के अस्सी प्रतिशत मिथिला के 2 जिला (मधुबनी आ दरभंगा) सऽ होइत अछि।
चलु अइ प्रकारक स्वागत मिथिला लेल बहुत साधारण बात किया कि अतेक त सब नेता सबके रोज कैल जाइत छन।
आगु सुनू और कि सब भेलै।
दरभंगा मे कार्यक्रम करला उपरान्त मैडम मधुबनी में अररिया संग्रम अवस्थित मिथिला हाट पहुँचली। रात्रिक विश्राम के व्यवस्था ओतै छल।
ओतअ पुनः चन्दन लगा, चादर ओढ़ा स्वागत कैल गेल।
संध्या काल में मिथिला हाटक खुला मंच पर रंगारंग कार्यक्रम के व्यवस्था छल। मैथिली के पारम्परिक गीत आ नृत्य जेना कि झिझिया नृत्य, सामा चकेबा के गीत और झांकि, छठ पूजा के गीत सऽ एक नंबर कार्यक्रम भेल।
तत्पश्चात भनसा घर ( इ नाम सऽ एकटा होटल जेकाँ बनल अइछ मिथिला हाट में) में मैथिल खान पान के आयोजन छल। हम सब ओनाहियो खान पन में प्याज लहसुन सब नै रखैत छी, और निर्मला जी भी शुद्ध शाकहरी छथि से हुनका लेल खानपान सोन पर सुहाग भ गेल।
भोजन में रोटी भात के अलावा, मरुआ के रोटी, तिल्कोर के तरुआ, साग, आमक अंचार, रामरुइच, भाटा के सन्ना, अरिकोच के सब्जी, लिट्टी चोखा, ओल चटनी, मखान के खीर, खाजा लड्डू जेका स्वादिष्ट व्यंजन सब रहै।
अगला दिन, सरकारी कार्यक्रम के बाद मिथिला चित्रकला संस्थान ( मिथिला पेंटिंग के कॉलेज) में घूमै लेल गेली। ओत विभिन्न प्रदर्शनी देखला बाद अलग अलग कलाकार के पेंटिंग देखले बाद हॉल में कार्यक्रम भेल।
जेना मिथिला में बेटी के बिदाई होयत अछी ठीक ओहि तरहे खोईच भैर क बिदाई कैल गेल। खोईच में मिथिला पेंटिंग सा सुसज्जित साड़ी, चाउड़, दुभ, अक्षत, 51 रुपया देल गेलन। अपने आप में कतेक आश्चर्य के बात अछि जे वित्त मंत्री जे सम्पूर्ण भारत के बित्त प्रबन्धन करैत छथ हुनका बिदाई में 51 रूपया देल गेल। ई संस्कृति के खूबसुरती थिक।
एकर बाद मैथिली बिदायी गीत, जेकरा समदौन कहल जाइत अछि से गाइब कऽ मैडम के विदाई कैल गेल।
एकटा गीत अइछ -
बड़ रे जतनसँ सिया धिया पोसलहुँ
सेहो रघुवंशी नेने जाय।
ठीक अहि प्रकार के स्वागत संसद जी के आवास पर सेहो भेलन।
खोइच भैर कऽ विदायी भेलन।
ई पूरा आदर सत्कार में निर्माल जी द्वारा भी अपन सुरक्षा घेरा सऽ निकैल क सहयोग कैल गेल।
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कहबाक तत्पर्य ई अइछ जे राजनितिक विचारधारा कतबो अलग रहै, परोछ में कोनो नीति के नै मानैत हम सब कोनो नेता के कतबो बुरा भला कइह दी, मुदा जखन हम सब मिथिला में पाहुन (मेहमान) जेकाँ स्वागत करैत छी त दिल खोइल क करै छी।
जय मिथिला, जय मैथिली 🙏