मिथिलाक पान

"पान एलैये, मखान एलैये, धिया के बियाह के समान एलैये"

 मिथिलाक इ प्रसिद्ध गीत में मिथिला के पान आ मखान केर गुणगान करैत अछि संगहि "पग पग पोखरि माछ मखान। सरस बोल आर मुख मे पान.... में सेहो मिथिलाक तीन प्रसिद्ध वस्तु केर वर्णन कयल गेल अछि, एहि में आइ हमरा लोकनि चर्चा कऽ रहल छी मिथिलाक पान के जकरा मिथिलाक संस्कृति में शुभ मानल जाइत छैक। ताम्बुल अर्थात पान पूजा पाठ, पावनि तिहार, उपनयन, बिवाह, भोज भात सभ में उपयोग कयल जाइत अछि।. भोजन भात के उपरांत मुंहक स्वाद बनल रहवाक लेल पान अत्यन्त प्रभावी मानल जाइत अछि। एकर अतिरिक्त कतेको बीमारी के उपचार में पान के सेवन अत्यन्त लाभदाई मानल जाइत अछि। सर्वप्रथम पान में कर्पूर मिला कऽ चिबेला सँ पायरिया बीमारी समाप्त भऽ जाइत छैक मात्र सावधानी इ राखल जाइत छैक जे पानक पीक घोंटय नहिं। कान मे दर्द भेला पर पानक पात बहुत लाभकारी होइत छैक। पानक पात के नारियल तेल मिला कऽ दू बुंद कान मे देला सँ कान दर्द में आराम भेटैत छैक। एकर अतिरिक्त कोनो तरहक चोट लगला पर पानक पात के गर्म कऽ कऽ चोटक स्थान पर बान्हला सँ किछु काल में चोटक दर्द समाप्त भऽ जाइत छैक। उकासी भेला पर गर्म हरैद के पान मे लपेटि कऽ चिबेला सँ आराम भेटत छैक। हरैद के अलावा अजवाइन के उपयोग रतुका उकासी दूर करवाक लेल उपयोगी मानल जाइत अछि। किडनी खराब भेला पर पानक उपयोग छुच्छे करवाक चाही। छाला पड़ला पर पानक रस के गर्म क क लगेला सँ छाला ठीक भऽ जाइत छैक। पीलिया, ज्वर आ कब्ज में पानक उपयोग अत्यन्त लाभदाई मानल जाइत अछि। सर्दी खाँसी भेला पर पानक पात संग लौंग मिला कऽ खेला सँ आराम भेटैत छैक। श्वास नली के बीमारी केस झरनाइ के बीमारी मे सेहो पान अत्यन्त लाभकारी मानल जाइत अछि। अपना सभक ओहिठाम मगही, बनारसी आ देशी पान दबाइ के रूप में बेसी कारगर सिद्ध होइत अछि। भूख बढेनाइ, प्यास बुझेनाइ मसूड़क समस्या सँ निदान में बनारसी आ देशी पान बेसी फायदेमन्द होइत अछि। जय मिथिला आ जय मैथिली 🙏🙏🙏